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मसौदा अनुवाद. मातृभाषी ईसाइयों के सुधार स्वागत हैं। पद-पाठ KJV (अंग्रेज़ी) में रहता है।

Gospels · Mark

Mark 10 — मनुष्य का पुत्र सेवा कराने नहीं, सेवा करने आया

Summary

तलाक के प्रश्न पर सृष्टि के क्रम से उत्तर: जिसे परमेश्वर ने जोड़ा उसे मनुष्य अलग न करे। बालकों को आने दो — जो परमेश्वर का राज्य बालक के समान ग्रहण न करे वह उसमें प्रवेश न करेगा। एक धनी जवान दौड़कर घुटने टेकता है: अनन्त जीवन के लिए क्या करूँ? यीशु ने उस पर प्रेम करके: अपना सब बेचकर कंगालों को दे — वह उदास होकर चला गया; सम्पत्ति बहुत थी। ऊँट के सुई के नाके से निकलना सहज... मनुष्यों से असम्भव, पर परमेश्वर से नहीं; परमेश्वर से सब कुछ सम्भव है। तीसरी दुःख-घोषणा; याकूब-यूहन्ना की दाहिने-बाएँ की माँग। जो बड़ा होना चाहे वह सेवक बने — मनुष्य का पुत्र सेवा कराने नहीं, वरन सेवा करने और बहुतों की छुड़ौती के लिए अपना प्राण देने आया। यरीहो में अन्धा बरतिमाई: हे दाऊद की सन्तान, मुझ पर दया कर — तेरे विश्वास ने तुझे चंगा किया।

Key verse

“क्योंकि मनुष्य का पुत्र इसलिए नहीं आया कि उसकी सेवा टहल की जाए, परन्तु इसलिए आया कि वह सेवा टहल करे और बहुतों की छुड़ौती के लिए अपना प्राण दे।”

— Mark 10:45

Outline
  1. v.1-16 विवाह; बालकों का राज्य
  2. v.17-31 धनी जवान
  3. v.32-45 दुःख-घोषणा; छुड़ौती
  4. v.46-52 अन्धा बरतिमाई
Verse-by-verse
9 What therefore God hath joined together, let not man put asunder.

जिसे परमेश्वर ने जोड़ा — विवाह मानवीय अनुबन्ध नहीं, ईश्वरीय जोड़: प्रश्न "तलाक कब चलता है?" से बदलकर "परमेश्वर के जोड़े को कौन अलग कर सकता है?" हो जाता है।

मूसा की अनुमति को यीशु ने मन की कठोरता की रियायत पढ़ा — आदर्श आरम्भ ही में था: उत्पत्ति 2 की ओर लौटना ही उसका उत्तर।

15 Verily I say unto you, Whosoever shall not receive the kingdom of God as a little child, he shall not enter therein.

बालक के समान ग्रहण करना — बालक कुछ नहीं लाता: न योग्यता, न क़ीमत — केवल खुले हाथ। राज्य कमाया नहीं जाता, ग्रहण किया जाता है; द्वार की ऊँचाई बालक की ऊँचाई है।

शिष्यों ने बालकों को रोका; यीशु ने क्रोधित होकर (14) उन्हें बुलाया: छोटों को उसके पास आने से रोकनेवाली हर बाधा उसके लिए क्रोध का कारण है।

Cross-references Matthew 18:3 · 1 Peter 2:2 · Psalm 131:1-2 · James 4:6
21 Then Jesus beholding him loved him, and said unto him, One thing thou lackest: go thy way, sell whatsoever thou hast, and give to the poor, and thou shalt have treasure in heaven: and come, take up the cross, and follow me.

यीशु ने उस पर दृष्टि करके प्रेम किया — बेचने की कठोर आज्ञा से पहले शब्द प्रेम है। वह माँग दण्ड नहीं, शल्यक्रिया: हृदय के सिंहासन पर बैठी सम्पत्ति को उतारे बिना अनन्त जीवन की जगह ख़ाली नहीं होती।

उसकी कमी जानकारी की न थी — आज्ञाएँ जानता, मानता था; कमी सिंहासन की थी: एक बात की कमी अर्थात एक बात अधिक है — मसीह के स्थान पर बैठा धन।

27 And Jesus looking upon them saith, With men it is impossible, but not with God: for with God all things are possible.

मनुष्यों से असम्भव — केवल धनी का नहीं, किसी का भी उद्धार: ऊँट-सुई का दृष्टान्त कठिनाई नहीं, असम्भवता कहता है। शिष्यों का प्रश्न सही — फिर कौन बच सकता है?

परमेश्वर से सब कुछ सम्भव — उद्धार आदि से अन्त तक परमेश्वर का असम्भव-कार्य। यही सत्य घमण्डियों की आशा गिराता और पापियों की आशा जिलाता है।

Cross-references Luke 1:37 · Genesis 18:14 · Jeremiah 32:17 · Ephesians 2:8-9
45 For even the Son of man came not to be ministered unto, but to minister, and to give his life a ransom for many.

मरकुस का कुंजी-वचन: सेवा करने आया राजा, छुड़ौती के रूप में प्राण देनेवाला सेवक। बहुतों के बदले — स्थानापन्नता का छोटा शब्द: हमारी जगह वह।

यह वचन पद-विवाद का उत्तर था: सिंहासन माँगते शिष्यों को कटोरा, बपतिस्मा, सेवा — अन्ततः क्रूस दिखाया गया। बड़प्पन का मार्ग स्वामी ने चलकर दिखाया।

Key doctrines
सृष्टि के क्रम से विवाह
Mark 10:9 · Genesis 2:24 · Ephesians 5:31-32
बालक-समान राज्य-ग्रहण
Mark 10:15 · Matthew 18:3 · 1 Peter 2:2
परमेश्वर ही से सम्भव उद्धार
Mark 10:27 · Luke 1:37 · Ephesians 2:8-9
छुड़ौती के रूप में मसीह का प्राण
Mark 10:45 · Isaiah 53:10-12 · 1 Timothy 2:6 · 1 Peter 1:18-19
Application

धनी जवान के प्रश्न को अपना बनाकर उसकी दृष्टि का सामना कीजिए: आप में एक बात की कमी क्या है — कौन-सी सम्पत्ति, पद, सुरक्षा सिंहासन से नहीं उतरती? बरतिमाई का नमूना अपनाइए: रोकती भीड़ कितनी भी बड़ी हो, और भी चिल्लाना (48) — रुके हुए यीशु के सामने ऊपरी वस्त्र फेंककर कूद पड़ना ही विश्वास है।

Christ in this chapter

पद 45 सम्पूर्ण सुसमाचार का सार है: यशायाह 53 का दुःख-भोगी सेवक मरकुस के पन्नों पर चल रहा है — बहुतों के बदले प्राण देनेवाला छुड़ौती-दाता। बरतिमाई की दाऊद की सन्तान पुकार सही पहचान है: राजा मार्ग के किनारे के भिखारी के लिए रुकता है — यरूशलेम, क्रूस की ओर जाते हुए मार्ग में ही।

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