Royal Danish-Halle Mission (Tranquebar)
सीगेनबाल्ग ने प्रोटेस्टेंट भारत को उसका पहला पैर-जमाव दिया। 1706 में ट्रंक्यूबार पहुँचकर, उसने तमिल भाषा को बाधा नहीं बल्कि पूरा काम माना, इसे इतना गहराई से सीखा कि शब्दकोश और एक व्याकरण रच सके और लोगों के खुद पढ़ने के लिए शास्त्र का अनुवाद शुरू कर सके। उसकी स्थानीय डेनिश कमांडेंट से ठनी — यहाँ तक कि उसने महीनों कैद में बिताए — और अपने सैंतीसवें वर्ष से पहले ही मर गया, एक ऐसा दरवाज़ा खोलकर जिससे दूसरे एक सदी तक गुज़रने वाले थे।
उसने स्थानीय भाषा उस तरह सीखी जैसे कोई अजनबी एक ऐसा नक्शा नकल करे जो उसे कभी थमाया ही नहीं गया — निशान-दर-निशान, जब तक वह आख़िर उसके सहारे दूसरों को राह दिखा सके।
भूमिकाएँ
क्षेत्र
उन्होंने क्या किया
- भारत में पहले दो प्रोटेस्टेंट मिशनरियों में से एक के रूप में 1706 में ट्रंक्यूबार पर उतरा
- तमिल को जल्दी सिद्ध किया, शब्दकोश और एक व्याकरण रचते हुए, और शास्त्र को भाषा में रखने के लिए काम किया
- स्थानीय डेनिश अधिकारियों से संघर्ष के बाद थक-हारकर 1719 में युवावस्था में मरा
समिति
Sources: frykenberg-christianity-india p.182 · frykenberg-christianity-india p.184 · neill-history-1707-1858 p.50