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मसौदा अनुवाद. मातृभाषी ईसाइयों के सुधार स्वागत हैं। पद-पाठ KJV (अंग्रेज़ी) में रहता है।

पौलुस की पत्रियाँ · रोमियों

रोमियों 4 — अब्राहम के लिये विश्वास धार्मिकता गिना गया

सारांश

तो हम क्या कहें, कि हमारे शारीरिक पिता अब्राहम को क्या प्राप्त हुआ? क्योंकि यदि अब्राहम कामों से धर्मी ठहराया जाता, तो उसे घमण्ड करने का कारण होता, परन्तु परमेश्वर के निकट नहीं। अब्राहम ने परमेश्वर पर विश्वास किया, और यह उसके लिये धार्मिकता गिना गया। काम करनेवाले की मजदूरी देना दान नहीं, परन्तु हक़ समझा जाता है। जो काम नहीं करता वरन् भक्तिहीन के धर्मी ठहरानेवाले पर विश्वास करता है, उसका विश्वास उसके लिये धार्मिकता गिना जाता है। जिसे परमेश्वर बिना कर्मों के धर्मी ठहराता है, उसे दाऊद भी धन्य कहता है। अब्राहम ने विश्वास करने के बाद खतने का चिन्ह पाया — जिससे वह उन सब का पिता ठहरे, जो विश्वास करते हैं। उसने अविश्वासी होकर परमेश्वर की प्रतिज्ञा पर संदेह नहीं किया।

मुख्य पद

“परन्तु जो काम नहीं करता वरन् भक्तिहीन के धर्मी ठहरानेवाले पर विश्वास करता है, उसका विश्वास उसके लिये धार्मिकता गिना जाता है।”

— रोमियों 4:5

रूपरेखा
  1. v.1-8 अब्राहम विश्वास से धर्मी ठहरा
  2. v.9-12 खतना एक छाप, कारण नहीं
  3. v.13-25 प्रतिज्ञा विश्वास से, व्यवस्था से नहीं
पद-दर-पद
3 पवित्रशास्त्र क्या कहता है? यह कि “अब्राहम ने परमेश्वर पर विश्वास किया, और यह उसके लिये धार्मिकता गिना गया।”

उत्पत्ति 15:6 को धर्मी ठहराए जाने के आदर्श के रूप में उद्धृत किया गया है। अब्राहम विश्वास करने से धर्मी ठहरा, कुछ करके दिखाने से नहीं। विश्वासयोग्य लोगों का पिता विश्वास करनेवालों का पिता है।

उसके लिये गिना गया। लेखा-जोखा का तकनीकी शब्द। विश्वासी की ओर से विश्वास; परमेश्वर की ओर से धार्मिकता; यह लेन-देन सर्वोच्च स्तर का बही-खाता है।

5 परन्तु जो काम नहीं करता वरन् भक्तिहीन के धर्मी ठहरानेवाले पर विश्वास करता है, उसका विश्वास उसके लिये धार्मिकता गिना जाता है।

भक्तिहीन के धर्मी ठहरानेवाले। एक चौंका देनेवाला वाक्यांश। परमेश्वर विश्वास के द्वारा भक्तिहीन को धर्मी ठहराता है। यह पद एक पंक्ति में पूरा धर्मसुधार है।

नैतिकतावादी सुसमाचार पर एक अंकुश। यदि परमेश्वर भक्त को धर्मी ठहराता, तो कोई भी योग्य न ठहरता। वह उन भक्तिहीनों को धर्मी ठहराता है जो विश्वास करते हैं। मनुष्यों के लिये यही एकमात्र शुभ सन्देश है।

20 और न अविश्वासी होकर परमेश्वर की प्रतिज्ञा पर संदेह किया, पर विश्वास में दृढ़ होकर परमेश्वर की महिमा की,

संदेह नहीं किया। उसने असम्भवता को महसूस किया (वह बूढ़ा था; सारा बाँझ थी) और फिर भी नहीं डगमगाया। विश्वास कठिनाई का अभाव नहीं है; वह उसके पार भी डटे रहना है।

विश्वास में दृढ़। विश्वास उपयोग से दृढ़ होता है। अब्राहम इसलिए दृढ़ था क्योंकि वह वर्षों तक भरोसा करता रहा।

25 वह हमारे अपराधों के लिये पकड़वाया गया, और हमारे धर्मी ठहरने के लिये जिलाया भी गया। (यशा. 53:5, यशा. 53:12)

सुसमाचार का एक संक्षिप्त कथन। मसीह की मृत्यु ने हमारे अपराधों का निपटारा किया; उनके पुनरुत्थान ने हमारे धर्मी ठहराए जाने की पुष्टि कर दी।

पुनरुत्थान कोई अलग सिद्धान्त नहीं, बल्कि क्रूस पर लगी मुहर है। उसके बिना धर्मी ठहराए जाने का कोई सार्वजनिक प्रमाण नहीं; उसके साथ निर्णय की घोषणा हो जाती है।

मुख्य सिद्धान्त
विश्वास धार्मिकता गिना गया
रोमियों 4:3 · उत्पत्ति 15:6 · गलातियों 3:6
परमेश्वर भक्तिहीन को धर्मी ठहराता है
रोमियों 4:5 · गलातियों 2:16 · इफिसियों 2:8-9
असम्भव प्रतिज्ञाओं के बीच दृढ़ विश्वास
रोमियों 4:20-21 · इब्रानियों 11:11-12 · याकूब 1:6
हमारे धर्मी ठहराए जाने के लिये मसीह की मृत्यु और पुनरुत्थान
रोमियों 4:25 · 1 कुरिन्थियों 15:17 · 1 पतरस 1:21
जीवन में लागू करना

पद 5 परमेश्वर के सामने स्वयं को धर्मी ठहराने के हर प्रयास का फ़ैसला कर देता है। जो परमेश्वर भक्तिहीन को धर्मी ठहराता है, वह केवल विश्वास से ऐसा करता है। योग्य बनने के लिये स्वयं को पर्याप्त सुधारने की कोशिश छोड़ दीजिए। उस पर विश्वास कीजिए जो भक्तिहीन को धर्मी ठहराता है — और आप धर्मी गिने जाते हैं।

इस अध्याय में मसीह

रोमियों 4 विश्वास से धर्मी ठहराए जाने को अब्राहम के पूर्व-उदाहरण में स्थिर करता है, और फिर मसीह पर समाप्त होता है — जो हमारे अपराधों के लिये पकड़वाए गए, और हमारे धर्मी ठहरने के लिये जिलाए गए। जिस परमेश्वर ने अब्राहम का विश्वास गिना, वही आज विश्वासी का विश्वास गिनता है — मसीह के क्रूस और पुनरुत्थान के आधार पर।

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