मसौदा अनुवाद. मातृभाषी ईसाइयों के सुधार स्वागत हैं। पद-पाठ KJV (अंग्रेज़ी) में रहता है।
रोमियों 9 — यह न तो चाहनेवाले की, न दौड़नेवाले की, परन्तु दया करनेवाले परमेश्वर की बात है
पौलुस को बड़ा शोक है, और उनका मन सदा दुखता रहता है — मैं यहाँ तक चाहता था, कि अपने भाइयों के लिये आप ही मसीह से श्रापित और अलग हो जाता। वे इस्राएली हैं; लेपालकपन का हक़, महिमा, वाचाएँ, व्यवस्था का उपहार, परमेश्वर की उपासना, और प्रतिज्ञाएँ उन्हीं की हैं। यह नहीं, कि परमेश्वर का वचन टल गया। जो इस्राएल के वंश हैं, वे सब इस्राएली नहीं। शरीर की सन्तान परमेश्वर की सन्तान नहीं; प्रतिज्ञा की सन्तान ही हैं। मैंने याकूब से प्रेम किया, परन्तु एसाव को अप्रिय जाना। क्या परमेश्वर के यहाँ अन्याय है? कदापि नहीं! मैं जिस किसी पर दया करना चाहूँ, उस पर दया करूँगा। क्या कुम्हार को मिट्टी पर अधिकार नहीं? परमेश्वर ने हमें न केवल यहूदियों में से वरन् अन्यजातियों में से भी बुलाया। इस्राएल ने ठोकर के पत्थर पर ठोकर खाई — जो उस पर विश्वास करेगा, वह लज्जित न होगा।
“इसलिए यह न तो चाहनेवाले की, न दौड़नेवाले की परन्तु दया करनेवाले परमेश्वर की बात है।”
— रोमियों 9:16
- v.1-5 इस्राएल के लिये पौलुस का शोक
- v.6-13 परमेश्वर का सम्प्रभु चुनाव
- v.14-24 कुम्हार और मिट्टी
- v.25-33 अन्यजाति बुलाए गए; इस्राएल ने ठोकर खाई
उस हृदय को डाँट जो चुनाव के विषय में परमेश्वर से वाद-विवाद करता है। मिट्टी कुम्हार से पूछताछ नहीं करती। सृष्टि इस स्थिति में नहीं कि स्पष्टीकरण की माँग करे।
यह पद ईमानदार प्रश्नों को चुप नहीं कराता; यह घमण्ड भरी आपत्तियों को चुप कराता है। यदि पूछना ही हो तो पूछिए; पर बनानेवाले पर दोष मत लगाइए।
मिट्टी पर अधिकार। बर्तन पर कुम्हार की सम्प्रभुता। बर्तन मोल-भाव नहीं करता; वह बनाया जाता है।
एक ही लोंदे से कुम्हार के निर्णय के अनुसार अलग-अलग बर्तन बनते हैं। उद्धार में परमेश्वर की सम्प्रभुता इस अध्याय का दबाव-बिन्दु है। इसे वैसे ही ग्रहण कीजिए जैसे यह अध्याय सिखाता है।
मसीह कुछ लोगों के लिये ठोकर का पत्थर हैं, और दूसरों के लिये कोने का पत्थर। वही मसीह विपरीत प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न करते हैं।
जो उस पर विश्वास करेगा, वह लज्जित न होगा। अध्याय का सांत्वना देनेवाला अन्त। उद्धार का मार्ग आज भी मसीह पर व्यक्तिगत विश्वास ही है।
पद 16 हर प्रकार की योग्यता-सोच का इलाज करता है। यह न तो चाहनेवाले की, न दौड़नेवाले की परन्तु दया करनेवाले परमेश्वर की बात है। यदि आप मसीह को चुनने के लिये स्वयं को शाबाशी देते आए हैं, तो यह पद श्रेय को ठीक जगह रख देता है। दया उसकी है; ग्रहण करना आपका है; घमण्ड का श्रेय केवल उसी को है।
रोमियों 9 मसीह को ठोकर के पत्थर और कोने के पत्थर के रूप में दिखाते हुए समाप्त होता है। अध्याय की धर्मसैद्धान्तिक ऊँचाइयाँ चाहे जो हों, उद्धार हर किसी के पास एक ही रीति से आता है — जो उस पर विश्वास करेगा, वह लज्जित न होगा। दया करनेवाला सम्प्रभु परमेश्वर वही परमेश्वर है जो अपने पुत्र पर विश्वास के द्वारा उद्धार देता है।
इस पृष्ठ पर आपकी भाषा में पवित्रशास्त्र का पाठ: इंडियन रिवाइज़्ड वर्ज़न (IRV), © 2017, 2019 ब्रिज कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस — बिना बदलाव के इस लाइसेंस के अंतर्गत प्रयुक्त: CC BY-SA 4.0 · eBible.org

उद्धार की नींव ईश्वरीय दया में है, मनुष्य के चाहने या कार्य करने में नहीं। यह पद उस हर धर्मविज्ञान का द्वार बन्द कर देता है जो उद्धार का कारण मनुष्य में खोजता है।
दया करनेवाले परमेश्वर की। कारण और क्रिया दोनों परमेश्वर के हैं। यह पद सांत्वना भी देता है (यह आपकी इच्छाशक्ति पर निर्भर नहीं) और नम्र भी करता है (आपके पास घमण्ड करने को कुछ नहीं)।