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भारत में मिशन

मिशनरी

किसने यह कार्य उठाया — और वह किस प्रकार का कार्य था। हर जीवन-परिचय सामाजिक प्रभाव, एक व्यक्तिगत समयरेखा, पीछे छोड़े संस्थान, और पृष्ठ-संदर्भित स्रोत देता है, हमारे अपने शब्दों में।

अलेक्ज़ेंडर डफ़ 1806–1878 भारत में अंग्रेज़ी-माध्यम मसीही उच्च शिक्षा के अग्रदूत। शिक्षा एमी कारमाइकल 1867–1951 मंदिर-दासता से बच्चों को बचाया और दोहनवूर फ़ेलोशिप में उनका पालन-पोषण किया। बच्चों का बचावस्त्रियों का उत्थानस्वदेशी कलीसिया बख़्त सिंह 1903–2000 सिख परिवार में जन्मे एक विश्वासी जिन्होंने आत्मनिर्भर भारतीय कलीसिया आंदोलन खड़ा किया और अपनी 'पवित्र सभाओं' में बड़ी भीड़ जुटाई। स्वदेशी कलीसियाजन आंदोलन चार्ल्स फ़्रीयर एंड्रूज़ 1871–1940 एक एंग्लिकन पादरी जो गांधी के घनिष्ठ मित्र और भारतीय गरिमा व श्रमिक अधिकारों के अथक पक्षधर बने। सामाजिक सुधार ई. स्टेनली जोन्स 1884–1973 मसीह को पश्चिमी नहीं, भारतीय रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया — गोलमेज़ सम्मेलनों और मसीही आश्रमों के द्वारा। स्वदेशी कलीसियासामाजिक सुधार हेनरी मार्टिन 1781–1812 एक प्रतिभाशाली युवा अनुवादक जिन्होंने 31 वर्ष की आयु में मृत्यु से पहले नया नियम उर्दू और फ़ारसी में अनूदित किया। बाइबिल अनुवाद आइडा स्कडर 1870–1960 वेल्लोर का विशाल चिकित्सा केंद्र और भारतीय स्त्रियों को डॉक्टर बनाने वाला एक विद्यालय खड़ा किया। चिकित्साशिक्षास्त्रियों का उत्थान जॉन स्कडर सीनियर 1793–1855 पहले अमेरिकी चिकित्सा मिशनरी, और भारत में चिकित्सा मिशनों के एक वंश के संस्थापक। चिकित्सा जोशुआ मार्शमैन और विलियम वार्ड मार्शमैन 1768–1837; वार्ड 1769–1823 सेरामपुर में केरी के साथी — भारत के महान अनुवाद, मुद्रण और शिक्षा मिशन के पीछे के मुद्रक और अध्यापक। बाइबिल अनुवादशिक्षा मैरी रीड 1854–1943 स्वयं कुष्ठ रोग से ग्रस्त होकर, उन्होंने अपना जीवन चंडाग में हिमालय के कुष्ठ रोगियों को दे दिया। कुष्ठ रोगियों की देखभाल पॉल ब्रैंड 1914–2003 कुष्ठ रोग के लिए पुनर्निर्माण शल्य-चिकित्सा के अग्रदूत, जिन्होंने सिद्ध किया कि उसकी क्षति दर्द के खो जाने से होती है। कुष्ठ रोगियों की देखभालचिकित्सा रेजिनाल्ड हेबर 1783–1826 यात्रा करने वाले कलकत्ता के बिशप और भजन-रचयिता, जिन्होंने भारत के पहले एंग्लिकन पादरियों को अभिषिक्त किया और युवावस्था में ही चल बसे। स्वदेशी कलीसिया वी. एस. अज़रियाह 1874–1945 भारत के पहले एंग्लिकन बिशप, जिन्होंने ग्रामीण जन आंदोलनों का नेतृत्व किया और मिशन को भारतीय हाथों में सौंपा। स्वदेशी कलीसियाजन आंदोलन वेरियर एल्विन 1902–1964 एक मिशनरी जिसने अपना जीवन भारत के आदिवासी लोगों को दे दिया — और यह मानकर कि मिशन हानि कर रहा है, मिशन और विश्वास दोनों छोड़ दिए। आदिवासी / सीमांत मिशन विलियम केरी 1761–1834 स्वयं-शिक्षित एक मोची जो बंगाल के महान बाइबिल अनुवादक बने और औपनिवेशिक भारत को सामाजिक सुधार की ओर धकेला। बाइबिल अनुवादशिक्षासामाजिक सुधारस्वदेशी कलीसिया