मसौदा अनुवाद. मातृभाषी ईसाइयों के सुधार स्वागत हैं। पद-पाठ KJV (अंग्रेज़ी) में रहता है।
भजन संहिता 7 — परमेश्वर धर्मी न्यायी है
हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मैं तुझ में शरण लेता हूँ; सब पीछा करनेवालों से मुझे बचा। हे यहोवा अपने क्रोध में उठ। हे यहोवा, मेरी धार्मिकता के अनुसार मेरा न्याय चुका दे। भला हो कि दुष्टों की बुराई का अन्त हो जाए। मेरी ढाल परमेश्वर के हाथ में है, वह सीधे मनवालों को बचाता है। परमेश्वर धर्मी और न्यायी है, वरन् ऐसा परमेश्वर है जो प्रतिदिन क्रोध करता है। उसने गड्ढे खोदकर उसे गहरा किया, और जो खाई उसने बनाई थी उसमें वह आप ही गिरा। मैं यहोवा के धर्म के अनुसार उसका धन्यवाद करूँगा।
“परमेश्वर धर्मी और न्यायी है, वरन् ऐसा परमेश्वर है जो प्रतिदिन क्रोध करता है।”
— भजन संहिता 7:11
- v.1-9 निर्दोष ठहराए जाने की पुकार
- v.10-17 परमेश्वर धर्मी न्यायी
बुराई का लौटकर आनेवाला वार। दूसरों के लिये खोदा गया फन्दा खोदनेवाले पर ही बन्द हो जाता है।
इतिहास में देखा जा सकनेवाला एक नमूना। बुरी युक्तियाँ अक्सर अपने ही रचनेवालों पर लौट आती हैं।
पद 11 अन्याय को नये दृष्टिकोण से दिखाता है। परमेश्वर आज की बुराई के प्रति उदासीन नहीं है; वह प्रतिदिन उस पर क्रोध करता है। जिस न्याय को आप स्वयं नहीं दिला सकते, उसके लिये उसके समय पर भरोसा रखिए।
भजन 7 का धर्मी न्यायी वही मसीह हैं जो जीवितों और मरे हुओं का न्याय करेंगे (2 तीमुथियुस 4:1)। उनका न्याय सदा के लिये टाला नहीं गया है।
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प्रतिदिन क्रोध करता है। बुराई से परमेश्वर की निरन्तर अप्रसन्नता। यह पद भावुकता भरे धर्मविज्ञान को अस्वीकार करता है।
न्याय का एक पहरा। परमेश्वर पवित्रता से छुट्टी पर नहीं है। दुष्ट का हर दिन उसकी प्रतिदिन की चिन्ता का विषय है।