- 2 इतिहास 14 BSB ↗
शांति का मौसम आमतौर पर वह समय होता है जब समझदार लोग छत की मरम्मत करते हैं। तूफ़ान में कोई उसे ठीक नहीं करता। आसा को दस वर्ष की शांति मिलती है और वह उनका अच्छा उपयोग करता है: वह पराए देवताओं की वेदियाँ ढा देता है, लोगों से यहोवा को खोजने को कहता है, और शहरपनाह, गुम्मटों और फाटकों वाले नगर बनाता है, जबकि — जैसा वह कहता है — देश अब भी उनका है। फिर तूफ़ान आता है — उसकी अपनी सेना से कहीं बड़ी एक सेना — और उसके पास देने को बस एक साँस भर की प्रार्थना बचती है।
कहानी में यह कहाँ है: इतिहास की पुस्तक दक्षिण की कहानी अपने ही सुर में सुना रही है: परमेश्वर को खोजो और तुम्हारी सहायता होगी; उसे त्यागो और तुम त्याग दिए जाओगे। आसा इसका पहला लंबा उदाहरण है, और उसका शासनकाल तीन अध्यायों में तीन चरणों में बताया जाएगा — भरोसा (14), नवीनीकरण (15), और एक दुखद फिसलन (16)। यह शिखर है।
यह अध्याय क्या कर रहा है: आसा के शासनकाल को उसके सर्वश्रेष्ठ रूप में दिखाना — शांति के समय में सुधार और संकट में भरोसा — और वह प्रश्न खड़ा करना जिसका उत्तर अगले दो अध्याय देते हैं: जब अगला खतरा आएगा, क्या वह परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखेगा?
- 14:1–5 — अबिय्याह मरता है, आसा राजा बनता है, और देश को दस वर्ष चैन मिलता है। आसा पराई वेदियाँ, ऊँचे स्थान, पवित्र पत्थर और अशेरा-स्तंभ हटाता है, और यहूदा को आज्ञा देता है कि यहोवा को खोजे और उसकी व्यवस्था माने।
- 14:6–8 — वह किलेबंद नगर बनाता है 'जब तक देश हमारे सामने है', क्योंकि उन्होंने यहोवा को खोजा और उसने विश्राम दिया। यहूदा और बिन्यामीन ढाल और भाला रखने वालों और धनुर्धारियों की एक बड़ी सेना खड़ी करते हैं।
- 14:9–12 — कूशी जेरह एक विशाल सेना और रथों के साथ मारेशा तक चढ़ आता है। आसा पाँति बाँधता है और प्रार्थना करता है: बलवान के विरुद्ध निर्बल की सहायता करने में तेरे समान कोई नहीं; हम तुझ पर भरोसा रखते हैं, और तेरे नाम से हम आए हैं। कूशी मारे जाते हैं और भाग जाते हैं।
- 14:13–15 — आसा की सेना गरार तक उनका पीछा करती है, आसपास के नगरों से लूट लेती है — यहोवा का भय उन पर छा गया है — और लौटकर यरूशलेम आने से पहले चरवाहों के डेरों पर भी धावा बोलती है।
- एक मिस्री सेनापति: कुछ लोग जेरह को शीशक के उत्तराधिकारियों के मिस्री राजवंश से जोड़ते हैं, शायद ओसोर्कोन प्रथम की ओर से काम करता हुआ, शीशक की सेना जैसे कूशी सैनिकों के साथ।
- एक स्थानीय सरदार: अन्य लोग उसे दक्षिण में गरार के पास स्थित एक कूशी या अरबी कबीले का नेता मानते हैं, जो बाद में लूटे गए चरवाहों के डेरों से मेल खाएगा।
- इतिहास-लेखक का एक सबक: कुछ विद्वान इस युद्ध की ऐतिहासिकता पर संदेह करते हैं और इसे प्रतीकात्मक संख्याओं के साथ आसा के भरोसे का एक धर्मवैज्ञानिक उदाहरण मानते हैं।
मुख्य पद: 2 इतिहास 14:11 · तो क्या: आसा की प्रार्थना इतनी छोटी है कि संकट में याद रखी जा सके: सहायता कर, हम तुझ पर भरोसा रखते हैं, हम तेरे नाम से यहाँ हैं। यह उस तैयारी के साथ अच्छी तरह जुड़ती है जो इससे पहले हुई थी। इस अध्याय में विश्वास शांति के समय शहरपनाह बनाने का विकल्प नहीं है — यह वह है जिस पर आप तब टिकते हैं जब शहरपनाह पर्याप्त नहीं होती।