मसौदा अनुवाद. मातृभाषी ईसाइयों के सुधार स्वागत हैं। पद-पाठ KJV (अंग्रेज़ी) में रहता है।
भजन संहिता 15 — हे यहोवा तेरे तम्बू में कौन रहेगा?
हे यहोवा तेरे तम्बू में कौन रहेगा? तेरे पवित्र पर्वत पर कौन बसने पाएगा? वह जो सिधाई से चलता और धर्म के काम करता है, और हृदय से सच बोलता है। जो अपनी जीभ से अपमान नहीं करता। जो शपथ खाकर बदलता नहीं चाहे हानि उठानी पड़े। जो अपना रुपया ब्याज पर नहीं देता, और निर्दोष की हानि करने के लिये घूस नहीं लेता। जो कोई ऐसी चाल चलता है वह कभी न डगमगाएगा।
“हे यहोवा तेरे तम्बू में कौन रहेगा? तेरे पवित्र पर्वत पर कौन बसने पाएगा? वह जो सिधाई से चलता और धर्म के काम करता है, और हृदय से सच बोलता है;”
— भजन संहिता 15:1-2
- v.1 प्रश्न
- v.2-5 परमेश्वर के यहाँ रहनेवाले का चरित्र
कभी न डगमगाएगा। खराई का प्रतिफल। पद 2-5 में वर्णित चरित्र जीवन को हर झटके के विरुद्ध स्थिर कर देता है।
जीवन की स्थिरता की एक परख। जो खराई भ्रष्टता को दूर रखती है, वह एक अडिग जीवन उत्पन्न करती है।
पद 2 भीतरी ईमानदारी की आज्ञा देता है। इस सप्ताह अपने आप से सच कहिए — अपने उद्देश्यों के विषय में, अपने डरों के विषय में, अपने पापों के विषय में। जिस खराई का वर्णन भजन करता है, वह हृदय में आरम्भ होती है और बाहर प्रगट होती है।
केवल मसीह ही पद 2-5 के वर्णन पर पूरी तरह खरे उतरते हैं। वही हैं जो पवित्र पर्वत पर बसते हैं; उनमें होकर विश्वासी उस निवास तक पहुँचाया जाता है।
इस पृष्ठ पर आपकी भाषा में पवित्रशास्त्र का पाठ: इंडियन रिवाइज़्ड वर्ज़न (IRV), © 2017, 2019 ब्रिज कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस — बिना बदलाव के इस लाइसेंस के अंतर्गत प्रयुक्त: CC BY-SA 4.0 · eBible.org

हृदय से सच बोलता है। भजन 14:1 की व्यावहारिक नास्तिकता का उलटा। भीतरी ईमानदारी नींव है।
एक अनुशासन। वहाँ भी सच बोलिए जहाँ कोई और नहीं सुनता — हृदय के एकान्त में अपने आप से।