मसौदा अनुवाद. मातृभाषी ईसाइयों के सुधार स्वागत हैं। पद-पाठ KJV (अंग्रेज़ी) में रहता है।
भजन संहिता 14 — मूर्ख ने अपने मन में कहा है, “कोई परमेश्वर है ही नहीं”
मूर्ख ने अपने मन में कहा है, “कोई परमेश्वर है ही नहीं।” वे बिगड़ गए, उन्होंने घिनौने काम किए हैं। यहोवा ने स्वर्ग में से मनुष्यों पर दृष्टि की है कि देखे कि कोई बुद्धिमान है या नहीं। वे सब के सब भटक गए, वे सब भ्रष्ट हो गए; कोई सुकर्मी नहीं, एक भी नहीं। परमेश्वर धर्मी लोगों के बीच में निरन्तर रहता है। भला हो कि इस्राएल का उद्धार सिय्योन से प्रगट होता!
“मूर्ख ने अपने मन में कहा है, “कोई परमेश्वर है ही नहीं।” वे बिगड़ गए, उन्होंने घिनौने काम किए हैं, कोई सुकर्मी नहीं।”
— भजन संहिता 14:1
- v.1-3 कोई भला नहीं
- v.4-7 सिय्योन से उद्धार
पौलुस सारी मानवजाति की पापमयता को स्थापित करने के लिये रोमियों 3:12 में इसे उद्धृत करते हैं।
वह निदान जिससे सुसमाचार आरम्भ होता है। जब तक कोई सुकर्मी नहीं का अनुभव न हो, तब तक क्रूस का मूल्य नहीं समझा जाता।
पद 1 आपकी अनकही मान्यताओं की जाँच करता है। हृदय की नास्तिकता सक्रिय रहती है — परमेश्वर से पूछे बिना जीना। इसे उलटिए; आज के निर्णयों में उससे पूछिए।
जिस उद्धार के सिय्योन से आने की पुकार यह भजन करता है, वह मसीह हैं। पद 3 में सारी मानवजाति के पाप का निदान ही वह कारण है जिसके लिये वे आए।
इस पृष्ठ पर आपकी भाषा में पवित्रशास्त्र का पाठ: इंडियन रिवाइज़्ड वर्ज़न (IRV), © 2017, 2019 ब्रिज कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस — बिना बदलाव के इस लाइसेंस के अंतर्गत प्रयुक्त: CC BY-SA 4.0 · eBible.org

अपने मन में। आवश्यक नहीं कि होठों पर। व्यावहारिक नास्तिकता — ऐसे जीना मानो परमेश्वर का अस्तित्व ही न हो — इस पद का निशाना है।
यह पद अधिकांश लोगों का अधिकांश समय वर्णन करता है। इसका उपचार बौद्धिक नहीं है; वह नैतिक और आत्मिक है।