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पहली शताब्दी ईस्वी का मध्य (तिथि-निर्धारण विवादित) · नए नियम का युग

कुरिन्थुस में इरास्तुस का शिलालेख

The Erastus inscription cut into a stone pavement at Corinth
Ktiv, CC BY-SA 4.0 — source

कुरिन्थुस से लिखते हुए पौलुस “इरास्तुस, नगर के भण्डारी” की ओर से नमस्कार पहुँचाते हैं — नगर-पालिका का पद धारण करने वाला एक मसीही। कुरिन्थुस के रंगमंच के पास के फ़र्श में खुदाई करने वालों को एक इरास्तुस नामक दानदाता का शिलालेख मिला, जिसने ऐडाइल — एक नगर-मजिस्ट्रेट का पद — चुने जाने पर अपनी जेब से फ़र्श का ख़र्च उठाया। वही कुछ-कुछ दुर्लभ नाम, वही नगर, वही पीढ़ी, वही नागरिक समृद्धि। बहुत संभव है कि यह वही व्यक्ति हो — और संभव है कि न हो।

यह क्या है
फ़र्श की एक पटिया में एक लैटिन शिलालेख: इरास्तुस ने ऐडाइल-पद के बदले अपने ख़र्च से यह फ़र्श बिछवाया
वस्तु की तिथि
पहली शताब्दी ईस्वी का मध्य (तिथि-निर्धारण विवादित)
खोज
कुरिन्थुस के रंगमंच के पास, यूनान, 1929 (अमेरिकन स्कूल (ASCSA) की खुदाई)
अब यह कहाँ है
यथास्थान, कुरिन्थुस
संबंधित
इरास्तुस, कुरिन्थुस का वह नगर-अधिकारी जिसे पौलुस नमस्कार भेजते हैं
पवित्र-वचन
रोमियों 16:23 · 2 तीमुथियुस 4:20
यह खोज क्या दिखाती हैकम से कम इतना कि पहली शताब्दी के कुरिन्थुस में पद धारण करने वाला एक धनी इरास्तुस मौजूद था, जिससे पौलुस का नमस्कार ठीक उसी प्रकार का विवरण बनता है जो कुरिन्थुस से लिखे किसी वास्तविक पत्र में होता।
यह क्या सिद्ध नहीं करतीयह पहचान सचमुच अनिश्चित है: पौलुस की यूनानी उपाधि (ओइकोनोमोस) और लैटिन ऐडाइल अलग-अलग पद हो सकते हैं, पटिया की सटीक तिथि विवादित है, और यह नाम अनोखा नहीं था।
विवादित: विद्वान इस पर बँटे हुए हैं कि क्या यह पौलुस वाला इरास्तुस है; इस मेल को आकर्षक पर अप्रमाणित मानें।
स्रोत एवं आगे पढ़ने के लिए
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