दिसंबर 1872 में अमेरिकी बैपटिस्ट ई. डब्ल्यू. क्लार्क आओ नागा गाँव मोलुंगकिमोंग पहुँचे और उसकी पहली कलीसिया जुटाने में सहायता की। यह एक ऐसे आंदोलन का बीज था जो आगे की सदी में नगालैंड को पृथ्वी के सबसे मसीही स्थानों में से एक बना देता।
बैपटिस्ट मिशन इतिहास (क्लार्क, स्वोर्ड) — पुरानी कृतियाँ सार्वजनिक अधिकार-क्षेत्र में; आधुनिक अध्ययन केवल उल्लेखित।
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