मसौदा अनुवाद. मातृभाषी ईसाइयों के सुधार स्वागत हैं। पद-पाठ KJV (अंग्रेज़ी) में रहता है।
भजन संहिता 37 — यहोवा पर भरोसा रख, और भला कर
कुकर्मियों के कारण मत कुढ़। यहोवा पर भरोसा रख, और भला कर; देश में बसा रह, और सच्चाई में मन लगाए रह। यहोवा को अपने सुख का मूल जान, और वह तेरे मनोरथों को पूरा करेगा। अपने मार्ग की चिन्ता यहोवा पर छोड़; और उस पर भरोसा रख। यहोवा के सामने चुपचाप रह, और धीरज से उसकी प्रतीक्षा कर। नम्र लोग पृथ्वी के अधिकारी होंगे। मैं लड़कपन से लेकर बुढ़ापे तक देखता आया हूँ; परन्तु कभी धर्मी को त्यागा हुआ नहीं देखा। बुराई को छोड़ भलाई कर; और तू सर्वदा बना रहेगा।
“यहोवा को अपने सुख का मूल जान, और वह तेरे मनोरथों को पूरा करेगा।”
— भजन संहिता 37:4
- v.1-11 भरोसा, सुख, सौंपना, चुपचाप रहना
- v.12-22 दुष्ट का छोटा सा दिन
- v.23-40 भले मनुष्य की गति
छोड़... भरोसा रख... वही पूरा करेगा। यही ढाँचा है। विश्वासी का भाग सौंपना और भरोसा रखना है; परमेश्वर का भाग पूरा करना है।
किसी भी बड़े काम के लिये एक पद। आरम्भ करते समय इसे प्रार्थना में बोलिए।
दाऊद के जीवन भर का अवलोकन। वर्षों के पार, धर्मी त्यागे नहीं जाते।
बुज़ुर्गों के लिये जवानों को सौंपने योग्य एक गवाही। परमेश्वर की सच्चाई दशकों के पार देखी जा सकती है।
पद 3-7 एक चार-गुना अनुशासन हैं — भरोसा, सुख, सौंपना, चुपचाप रहना। इस सप्ताह इनमें से हर एक को प्रार्थना में बोलिए। अध्याय की प्रतिज्ञाएँ इस अभ्यास के पीछे आती हैं।
मसीह का सुख पिता में था (इब्रानियों 10:7)। जो हृदय उनमें सुख पाता है, वह वे मनोरथ पाता है जो उनकी इच्छा के अनुरूप हैं।
इस पृष्ठ पर आपकी भाषा में पवित्रशास्त्र का पाठ: इंडियन रिवाइज़्ड वर्ज़न (IRV), © 2017, 2019 ब्रिज कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस — बिना बदलाव के इस लाइसेंस के अंतर्गत प्रयुक्त: CC BY-SA 4.0 · eBible.org

सुख का मूल जान... और वह पूरा करेगा। परमेश्वर में पाया गया सुख ही मनोरथों को आकार देता है। यह पद इच्छाएँ पूरी करनेवाली कोई मशीन नहीं; यह हृदय को सीध में लानेवाली प्रतिज्ञा है।
जो हृदय परमेश्वर में सुख पाता है, उसके मनोरथ वही होते हैं जिन्हें परमेश्वर आनन्द से पूरा करता है।